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गुप्त सूचना पर बड़ी कार्रवाई, गिरोह दबोचा गया
सूरत में पुलिस ने एक बड़े वन्यजीव तस्करी रैकेट का खुलासा करते हुए ‘तैरता सोना’ कहे जाने वाले एम्बरग्रीस के साथ तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई शहर के डिंडोली इलाके में की गई, जहां स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप को गुप्त सूचना मिली थी कि कुछ लोग इस दुर्लभ और अवैध वस्तु की बिक्री के लिए ग्राहक तलाश रहे हैं। सूचना मिलते ही टीम ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की और तीनों आरोपियों को रंगे हाथ पकड़ लिया। पुलिस के अनुसार आरोपियों के पास से करीब एक किलोग्राम एम्बरग्रीस बरामद हुआ है, जिसकी कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार में एक करोड़ रुपये से अधिक बताई जा रही है। इस कार्रवाई के बाद इलाके में हड़कंप मच गया और पुलिस ने पूरे नेटवर्क की जांच शुरू कर दी है, ताकि इसके पीछे जुड़े अन्य लोगों का भी पता लगाया जा सके और तस्करी के इस पूरे रैकेट को खत्म किया जा सके।
क्या है ‘तैरता सोना’, क्यों है इतना महंगा
एम्बरग्रीस को आम भाषा में ‘तैरता सोना’ कहा जाता है, क्योंकि इसकी कीमत सोने से भी ज्यादा हो सकती है। यह पदार्थ स्पर्म व्हेल नामक समुद्री जीव के शरीर से निकलता है और समुद्र में तैरते हुए किनारों तक पहुंचता है। इसकी खास बात यह है कि इसका इस्तेमाल महंगे परफ्यूम और कॉस्मेटिक इंडस्ट्री में किया जाता है, जिससे इसकी मांग अंतरराष्ट्रीय बाजार में बहुत अधिक रहती है। हालांकि भारत में इसका व्यापार पूरी तरह अवैध है और इसे वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत प्रतिबंधित किया गया है। इसके बावजूद तस्कर इसे चोरी-छिपे बेचने की कोशिश करते हैं, क्योंकि इसमें भारी मुनाफा मिलता है। पुलिस का कहना है कि आरोपी भी इसी लालच में यह जोखिम उठा रहे थे, लेकिन समय रहते उन्हें पकड़ लिया गया।
आरोपियों की पहचान और नेटवर्क की जांच जारी
पुलिस ने गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपियों की पहचान कर ली है और उनसे पूछताछ की जा रही है। शुरुआती जांच में पता चला है कि ये लोग लंबे समय से इस तरह के अवैध कारोबार में शामिल थे और पहले भी एम्बरग्रीस की खरीद-फरोख्त कर चुके हैं। पुलिस अब यह जानने की कोशिश कर रही है कि ये माल कहां से लाया गया और इसे किसे बेचने की तैयारी थी। इसके अलावा इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं, इसकी भी जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि यह केवल एक छोटा हिस्सा हो सकता है और इसके पीछे एक बड़ा अंतरराज्यीय या अंतरराष्ट्रीय गिरोह सक्रिय हो सकता है। पुलिस इस मामले में तकनीकी और खुफिया जांच के जरिए पूरे नेटवर्क को उजागर करने की कोशिश कर रही है।
वन्यजीव कानून के तहत सख्त कार्रवाई की तैयारी
एम्बरग्रीस की बरामदगी के बाद आरोपियों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। इस कानून के तहत ऐसे मामलों में कड़ी सजा और भारी जुर्माने का प्रावधान है। पुलिस अधिकारियों ने साफ किया है कि वन्यजीवों से जुड़े किसी भी अवैध व्यापार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही वन विभाग को भी इस मामले की जानकारी दी गई है, ताकि आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा सके। अधिकारियों का कहना है कि इस तरह की कार्रवाई से तस्करों में डर पैदा होगा और भविष्य में ऐसे अपराधों पर रोक लगेगी।
स्थानीय लोगों में चर्चा, पुलिस की सराहना
इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में भी चर्चा का माहौल है। कई लोगों को पहली बार पता चला कि ‘तैरता सोना’ क्या होता है और इसकी कीमत इतनी अधिक क्यों होती है। वहीं पुलिस की इस कार्रवाई की सराहना भी की जा रही है, क्योंकि इससे एक बड़े अवैध कारोबार का पर्दाफाश हुआ है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि इस तरह की कार्रवाई से अपराधियों के हौसले पस्त होंगे और शहर में कानून व्यवस्था मजबूत होगी।
अंतरराष्ट्रीय बाजार से जुड़ा है अवैध कारोबार
विशेषज्ञों के अनुसार एम्बरग्रीस का अवैध व्यापार केवल स्थानीय स्तर तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका सीधा संबंध अंतरराष्ट्रीय बाजार से होता है। कई विदेशी खरीदार इसे ऊंची कीमत पर खरीदने के लिए तैयार रहते हैं, जिससे तस्करों को बड़ा मुनाफा मिलता है। यही वजह है कि इसके तस्करी के मामले समय-समय पर सामने आते रहते हैं। पुलिस अब इस एंगल से भी जांच कर रही है कि कहीं इस मामले में विदेशी कनेक्शन तो नहीं है।
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